जनपद पौड़ी गढ़वाल की होनहार बाल खिलाड़ी शानवी थपलियाल ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। शानवी ने लंबी कूद में स्वर्ण पदक और 50 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। खास बात यह रही कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में शानवी पौड़ी जनपद के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रतिभागी बनीं। मूल रूप से पौड़ी की रहने वाली शानवी थपलियाल वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ नैनीडांडा में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उनके माता-पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। शानवी सरस्वती बाल निकेतन, नैनीडांडा की छात्रा हैं और प्राथमिक वर्ग की खेल प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। शानवी की खेल प्रतिभा का परिचय ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में ही देखने को मिल गया था। नैनीडांडा ब्लॉक स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने 50 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़ और लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतकर प्राथमिक वर्ग की चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद श्रीनगर में आयोजित मिनी गढ़देवा प्रतियोगिता में भी शानवी ने अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखा। यहां उन्होंने 50 मीटर और 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि लंबी कूद में रजत पदक जीता। इसके साथ ही खो-खो प्रतियोगिता में भी उनकी टीम ने रजत पदक प्राप्त किया। उनके प्रदर्शन के आधार पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भी उनका चयन हुआ। राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शानवी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की। उन्होंने लंबी कूद में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि 50 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। लगातार विभिन्न स्तरों पर पदक जीतने वाली शानवी की इस उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कम उम्र में खेलों के प्रति उनकी लगन, मेहनत और निरंतर बेहतर प्रदर्शन अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। शानवी की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है और उचित अवसर मिलने पर यहां के बच्चे राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। शानवी के पिता हरीश थपलियाल ने बताया कि उनके दोनों बच्चों की खेलों में विशेष रुचि है। शानवी कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत है और अपने भाई को खेलते देखकर ही उसके मन में भी खेलों के प्रति रुचि बढ़ी। उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों को उनकी प्रतिभा निखारने के लिए पूरा सहयोग और प्रोत्साहन देते हैं। हरीश थपलियाल का कहना है कि खेल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह चाहते हैं कि उनके बच्चे मोबाइल फोन से दूर रहकर खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में अधिक समय बिताएं, ताकि वे स्वस्थ रहने के साथ अपनी प्रतिभा को भी निखार सकें। उन्होंने कहा कि खेलों के प्रति लगन और मेहनत के बल पर बच्चे भविष्य में खेल के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकते हैं।

