लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में! सोशल मीडिया के दौर में बदलती पत्रकारिता
पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानी जाती है, क्योंकि इसका काम सत्ता से सवाल करना, समाज की आवाज उठाना और सच को सामने लाना होता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से ब...

