वसंतीय नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री भुवनेश्वरी सिद्धपीठ में तृतीय दिवस पर माँ चन्द्रघंटा के पावन स्वरूप की श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक विधि-विधान से भव्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मंदिर प्रांगण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। दूर-दूर से पधारे श्रद्धालुओं ने माँ भगवती के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने जीवन को धन्य बनाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुपम श्रृंखला के अंतर्गत तृतीय दिवस पर आयोजित भजन संध्या में धारी कालिका मंडली पौड़ी, शिवगौरा मंडली लक्ष्मी नारायण मोहल्ला पौड़ी, गौरी गणेश मंडली पौड़ी, सिरवाण्यू एवं वैष्णो मंडली पौड़ी ने भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज ओजली की छात्राओं ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। प्रवचन प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें आदित्य ने केदारनाथ तथा मोहित ने रघुनाथ विषय पर अपनी मधुर वाणी, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और आध्यात्मिक विचारों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन डॉ. नवीन ममगाईं जी द्वारा अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया। समस्त आयोजन प्रबंधन समिति के कुशल मार्गदर्शन एवं सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री दिगम्बर जी, श्री सतीश जुयाल, स्थानीय सभा के अध्यक्ष श्री नवीन जुयाल जी, अनयूसा प्रसाद, बी.एल. नोटियाल, श्री गोविन्द रावत जी, श्री शिव प्रसाद जुगराण जी सहित समिति के सभी पदाधिकारी एवं श्रद्धालुजन ससम्मान उपस्थित रहे।माँ के भजन-कीर्तन, स्तुति एवं गुणगान से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा और प्रत्येक श्रद्धालु ने अपने दिन को पुण्यमय एवं सार्थक बनाया। समिति द्वारा प्रतिदिन आयोजित विशाल भंडारा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। भूमि श्री परिवार समस्त श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों का इस दिव्य, पावन एवं अलौकिक प्रांगण में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता है।

