वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के माननीय कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट के निर्देशन में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अंशुमान सिंह ने मसाला उत्पादन एवं प्रसंस्करण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में किसानों को वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का आयोजन एटीआई (ATI) दुगड्डा, पौड़ी के परियोजना प्रबंधक श्री नंदलाल बडोनी द्वारा 9 एवं 10 जुलाई 2026 को रिखणीखाल और जयहरीखाल विकासखंडों में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 100 कृषकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अंशुमान सिंह ने मसाला उत्पादक कृषक समूहों को अदरक, हल्दी, मिर्च, लहसुन तथा बड़ी इलायची की वैज्ञानिक खेती की उन्नत तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बीज उपचार एवं मृदा उपचार की विधियों के साथ-साथ फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों के जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण के प्रभावी उपाय भी बताए। इसके अतिरिक्त उन्होंने हल्दी एवं अदरक के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन (मार्केटिंग) की जानकारी देकर किसानों को आय बढ़ाने के व्यावहारिक सुझाव दिए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं अग्निआस्त्र तैयार करने की तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यशाला के अंतर्गत डॉ. अंशुमान सिंह ने किसानों के खेतों का भ्रमण कर उनकी फसलों का निरीक्षण किया तथा कृषि संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुझाया। किसानों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की.

