पौड़ी। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और निरंतर सामाजिक सक्रियता के लिए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिर्सू के प्रधानाचार्य श्री जनार्दन प्रसाद डबराल को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से विभूषित किया गया है। यह सम्मान उन्हें हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मैजिक एण्ड आर्ट यूनिवर्सिटी द्वारा एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। 28 वर्षों का बेमिसाल शैक्षणिक सफर मूल रूप से शिक्षा जगत को समर्पित डॉ. जनार्दन प्रसाद डबराल वर्ष 1996 से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के माध्यम से अपनी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। उनके लंबे करियर पर नजर डालें तो उनकी प्रथम नियुक्ति रुद्रप्रयाग चमोली में हुई थी। इसके पश्चात उन्होंने काशीरामपुर कोटद्वार, देवरमपुर कोटद्वार, दुगड्डा, चेलूसैंण, द्वारीखाल जैसे दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिर्सू में प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत हैं। डॉ .डबराल ने अपने सेवाकाल में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने पर जोर दिया, विद्यालयों में भौतिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाई। वे समाज के सहयोग से जरूरतमंद छात्र-छात्राओं की मदद करने को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। उनकी इसी निष्ठा और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित उपाधि से नवाजा गया है। हरियाणा से मानद उपाधि प्राप्त कर लौटने पर विद्यालय परिसर में डॉ. डबराल का भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के समस्त स्टाफ और स्थानीय अभिभावकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।

