हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीजीआर परिसर, पौड़ी के गणित विभाग एवं विज्ञान परिषद ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में “रिसेंट एडवांसेज इन मैथमेटिक्स एंड मैथमेटिकल साइंस” विषय पर 27वें राष्ट्रीय एवं 8वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि गणित भारतीय ज्ञान प्रणाली का अभिन्न अंग है। वर्तमान समय में मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उन्नत तकनीकों के विकास में गणित की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सम्मेलन में शामिल प्रतिभागियों को नवाचार और तकनीकी अनुप्रयोगों में गणित के योगदान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
सम्मानित अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, देवप्रयाग परिसर के निदेशक प्रो. पी.बी. सुब्रमण्यम ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक और प्राच्य गणित मानव सभ्यता की मूल अवधारणाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में वेदों, पुराणों और उपनिषदों में गणितीय चिंतन स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। सम्मेलन के संयोजक एवं परिसर निदेशक प्रो. उमेश चंद्र गैरोला ने प्रतिभागियों से गणित को वर्तमान वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण के अनुरूप समझने और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। गणित विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश डंगवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में पूर्व निदेशक प्रो. प्रभाकर बडोनी, डॉ. किरण बाला, प्रो. एस.सी. गैरोला, डॉ. गौतम, डॉ. विक्रम नेगी सहित शोधार्थियों दीपिका, आरती, अनामिका, चंद्रशेखर, आशुतोष, जयंत, दिव्यांशु और शैलेंद्र ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन गणित विभाग की शोध छात्रा स्मृति कंडारी ने किया।

