राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत ग्राम प्रधानगण एवं ग्राम पंचायत सदस्यों का पांच दिवसीय प्रारम्भिक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम आज कोठार में विधिवत रूप से प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक कार्यवाही के साथ हुई, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के उद्देश्य व महत्व से अवगत कराया गया। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विपुल डंडरियाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण कृषिवन रिसर्च सेंटर द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बजट प्रबंधन, पारदर्शिता, जनभागीदारी और ग्रामीण विकास से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पहले दिन प्रशिक्षण में कोठार, सिरोली, क्यार्क, कंडी, असनोली, बुढ़ाकोट, गिरगांव, केसुन्दर और डोभा ग्राम पंचायतों के प्रधानगण एवं वार्ड सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा, सामाजिक अंकेक्षण, वित्तीय प्रक्रियाओं और रिकॉर्ड संधारण के व्यावहारिक पहलुओं पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम के आगामी दिनों में समूह प्रशिक्षण, व्यवहारिक सत्र और अध्ययन सामग्री के माध्यम से प्रतिभागियों को ग्राम स्तर पर विकास योजनाओं के अधिक प्रभावी संचालन हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को सुशासन, जवाबदेही और योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की दिशा में सक्षम बनाना है।

