प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों द्वारा पौड़ी में आयोजित की जा रही सरकारी बैठकों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि इन बैठकों में आम जनता और मीडिया से ज्यादा प्राथमिकता भाजपा कार्यकर्ताओं, ठेकेदारों और PRO को दी जा रही है। हालिया बैठकों में देखने को मिला कि मीडिया प्रतिनिधियों को बैठक कक्ष से बाहर रखा गया, जबकि बैठकों में देखा गया कि भाजपा कार्यकर्ता, विभागीय PRO और कुछ ठेकेदार बैठक के भीतर मौजूद रहे। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं आज विकास भवन पौड़ी में आयोजित कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की बैठक में देखने को मिला कि भाजपा कार्यकर्ता, PRO बैठक के भीतर मौजूद रहे और मीडिया को अंदर तक आने से मना किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी बैठकें जनता की समस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए होती हैं, लेकिन यदि मीडिया को ही बाहर रखा जाएगा तो जनता तक सही जानकारी कैसे पहुंचेगी। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है और उसे बाहर रखना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। अब बड़ा सवाल यही है कि पौड़ी में आयोजित हो रही ये बैठकें आखिर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हैं या फिर पार्टी कार्यकर्ताओं और करीबी लोगों तक सीमित होती जा रही हैं।

