पीयूष गोयल से हुई मुलाकात के बाद गढ़वाल क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी पहल सामने आई है। क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बताया गया कि गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उत्पादित होने वाले मिलेट्स, हल्दी, जड़ी-बूटियों और अन्य पारंपरिक कृषि उत्पादों की अपार संभावनाओं को देखते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से विशेष टीम भेजने का अनुरोध किया गया था। इस मांग पर सहमति जताते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मंत्रालय की टीम को गढ़वाल दौरे के निर्देश दिए हैं।जानकारी के अनुसार केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की टीम कल से गढ़वाल क्षेत्र का दौरा करेगी। टीम विभिन्न जिलों में पहुंचकर जिलाधिकारियों, काश्तकारों और स्थानीय उत्पादकों से संवाद करेगी। साथ ही यह अध्ययन किया जाएगा कि पहाड़ में उत्पादित जैविक एवं पारंपरिक कृषि उत्पादों को किस प्रकार राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा क्षेत्र के विशिष्ट उत्पादों की GI टैगिंग और ब्रांडिंग की संभावनाओं पर भी विशेष रूप से कार्य किया जाएगा, जिससे गढ़वाल के उत्पादों को अलग पहचान मिल सके। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और पहाड़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इस पहल को गढ़वाल के किसानों, बागवानों और जड़ी-बूटी उत्पादकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थानीय उत्पादों की सही मार्केटिंग और निर्यात व्यवस्था विकसित होती है तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गढ़वाल की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।

