पौड़ी जनपद में आज केंद्र सरकार की ओर से आए विशेष पर्यवेक्षक श्री विद्या भूषण कुमार (पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं मानवाधिकार) ने वनाग्नि सुरक्षा को लेकर वन पंचायत कमेंडा में ग्रामीणों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद कर वन आग की चुनौतियों और उसके समाधान पर चर्चा की। बैठक में ग्रीन इंडिया फाउंडेशन स्वयं सहायता समूह एवं उन्नत गढ़वाल स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर वन पंचायतों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लीसा वेदोहन (राल/रेजिन निकासी) को बढ़ावा देने पर जोर दिया।अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि लीसा वेदोहन से दोहरा लाभ संभव है. एक ओर जहां इससे ग्रामीणों की आजीविका में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर पंचायती वनों में आग लगने की घटनाओं को भी कम किया जा सकेगा। वन विभाग ने इस कार्य को ग्रामीणों की सहभागिता से संचालित करने और उससे होने वाली आय को स्थानीय विकास में लगाने पर विशेष बल दिया। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल रजत सुमन, सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पवन नेगी, उप प्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी नागदेव रेंज नक्षत्र लव साह और शिवप्रसाद भट्ट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विशेष पर्यवेक्षक ने वन पंचायत कमेडा में चल रहे लीसा वेदोहन कार्यों का निरीक्षण भी किया। वन पंचायत की सरपंच श्रीमती सावित्री मंगाई ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम न केवल वन अग्नि से निपटने में सहायक होगा, बल्कि भविष्य में ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

