मुख्य वन संरक्षक, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन, उत्तराखण्ड, देहरादून के निर्देशानुसार सिविल एवं सोयम वन प्रभाग, पौड़ी द्वारा वनाग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु एक विस्तृत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल पौड़ी रेंज के अंतर्गत स्थापित डांडा पानी क्रू-स्टेशन के समीप आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य आगामी वनाग्नि काल 2026 के दृष्टिगत विभागीय समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा संसाधनों की उपलब्धता की जांच करना था। कार्यक्रम के दौरान वनाग्नि की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करने का अभ्यास कराया गया। मॉक ड्रिल में सिविल एवं सोयम वन प्रभाग, पौड़ी के समस्त फील्ड स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अतिरिक्त अग्निशमन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी सम्मिलित हुए। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आग लगने की सूचना प्राप्त होने से लेकर घटनास्थल पर पहुँचने, आग पर नियंत्रण पाने, घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सुरक्षा घेरा बनाने तक की संपूर्ण प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन उपकरणों के उपयोग, फायर बीटर, ब्लोअर मशीन, पानी के टैंकर एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। साथ ही, आग की दिशा एवं तीव्रता को नियंत्रित करने की रणनीतियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। स्थानीय ग्रामीणों को भी वनाग्नि से बचाव, सतर्कता एवं समय पर सूचना देने के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी पवन नेगी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वनाग्नि की घटनाएँ प्राकृतिक संपदा, वन्यजीवों तथा मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने सभी विभागों से आगामी वनाग्नि काल 2026 के दौरान आपसी समन्वय बनाए रखते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक कर्मचारी अपनी निर्धारित भूमिका एवं जिम्मेदारियों को भली-भांति समझे और आपातकालीन परिस्थितियों में बिना विलंब कार्रवाई करे। मॉक ड्रिल के सफल आयोजन से विभागीय तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ संभावित कमियों की पहचान भी की गई, जिन्हें समय रहते सुधारने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने वनाग्नि सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह मॉक ड्रिल आगामी वनाग्नि सीजन के लिए विभाग की सतर्कता, तत्परता और समन्वित प्रयासों का प्रतीक रही।

