उत्तराखंड के एसएसबी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं ने शुक्रवार को कीर्तिनगर के भोलू भरदारी पार्क में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल प्रसाद भट्ट ने की, जिसमें कीर्तिनगर, हिंडोलाखाल और श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में गुरिल्ला शामिल हुए। बैठक में 19 वर्षों से लंबित तीन सूत्रीय मांगों सरकारी नियुक्ति, पेंशन और ग्रेच्युटी को लेकर रणनीति तय की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार केवल आश्वासन दे रही है जबकि धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। गुरिल्लाओं ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द से जल्द इन मांगों पर अमल नहीं होता तो सितंबर माह में देहरादून में विशाल रैली, सीएम आवास कूच और सचिवालय घेराव किया जाएगा।
*हाईकोर्ट भी कर चुका है समर्थन**
गौरतलब है कि नैनीताल हाईकोर्ट ने भी युद्ध प्रशिक्षित गुरिल्लाओं के पक्ष में निर्णय देते हुए उत्तराखंड सरकार को निर्देशित किया था कि मणिपुर की तर्ज पर इन्हें सेवा में लिया जाए और सभी लाभ दिए जाएं। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
गुरिल्ला संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में 19 वर्षों से जारी शांतिपूर्ण संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। अगर सरकार ने तत्काल कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की होगी। हिम्मत सिंह मेहर (अध्यक्ष, कीर्तिनगर ब्लॉक), बृजमोहन गुसाईं (उपाध्यक्ष), जवाहर सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, हिंडोलाखाल ब्लॉक), दयाल सिंह सजवाण (उपाध्यक्ष), लक्ष्मी भट्ट (अध्यक्ष, महिला मोर्चा), सुंदर मणि पोखरियाल (महासचिव), राजेन्द्र भंडारी (संयोजक) सहित कई दर्जन प्रमुख कार्यकर्ता बैठक में मौजूद रहे।

