सिविल एवं सोयम वन प्रभाग पौड़ी के तत्वाधान में शनिवार को वन अग्नि सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में राजस्व, स्वास्थ्य, दमकल, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ वन पंचायतों के सरपंच और उनके सदस्य भी शामिल हुए। गोष्ठी में आगामी वन अग्नि काल की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभागीय वनाधिकारी पवन नेगी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से संभावित खतरों और उनसे निपटने की कार्ययोजना समझाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वनाग्नि आपदा श्रेणी में आती है, इसलिए घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई बेहद आवश्यक है। प्रत्येक ग्राम सभा और वन पंचायत की जिम्मेदारी होगी कि आग की सूचना तुरंत आपदा कंट्रोल रूम और वन विभाग कंट्रोल रूम को दें, ताकि प्रतिक्रिया समय कम हो और आग को फैलने से पहले नियंत्रित किया जा सके। वनाधिकारी ने मोटर मार्ग के आसपास लगने वाली वन आग की घटनाओं को रोकने में दमकल विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। साथ ही वन पंचायत स्तर पर ग्रामीणों से सहयोग देने की अपील की गई, ताकि सामूहिक प्रयासों से वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

