पहाड़ों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे सदमे और अपूरणीय क्षति से दो-चार किया है। इन हादसों में जहां कई घरों के चिराग बुझ जाते हैं, वहीं सरकार और कंपनियों द्वारा दी जाने वाली इंश्योरेंस राशि ऐसे परिवारों के लिए आर्थिक संबल का काम करती है। लेकिन दुख की घड़ी में भी देहरादून में बैठे कुछ शातिर दलाल इन परिजनों की मजबूरी को अपनी कमाई का जरिया बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, देहरादून में सक्रिय एक ऐसा दलाल गिरोह है, जो पहाड़ों में होने वाली दुर्घटनाओं पर अपनी नजर गड़ाए रखता है। जैसे ही किसी परिवार में दुर्घटना से मौत की सूचना मिलती है, ये लोग मृतक के परिजनों तक पहुंचने के लिए नंबर निकालते हैं और खुद को वकील या कानूनी सलाहकार बताकर संपर्क करते हैं। भरोसा जीतने के बाद ये दलाल इंश्योरेंस की पूर्ण राशि दिलाने का वादा करते हैं और अपने जाल में फंसा लेते हैं। योजना के तहत परिजनों को देहरादून बुलाया जाता है, जहां कोर्ट केस की आड़ में लंबी प्रक्रिया बताकर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं। कई मामलों में परिजनों के खाली चेक पर भी साइन करा लिया जाता है। जब इंश्योरेंस की रकम परिजनों के नाम पास होती है, तब ये चेक अपने खातों में जमा कर रकम का बड़ा हिस्सा हड़प लेते हैं। परिजन ठगे जाते हैं और उन्हें मिलने वाली सहायता राशि का अधिकांश भाग इन दलालों की जेब में चला जाता है। सूत्र बताते हैं कि इस पूरे नेटवर्क की सांठगांठ गहरी है और जल्द ही इस संगठित दलाली तंत्र का काला चिट्ठा उजागर किया जाएगा। इसके लिए पौड़ी जनपद के कई प्रभावित परिवारों से संपर्क कर मामलों की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

