मलेथा क्षेत्र को फ्रीज जोन घोषित करने वाले टिहरी जिला प्राधिकरण के आदेश के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के संस्थापक गणेश भट्ट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय कीर्तिनगर पहुंचे और प्राधिकरण पर अपनी नाराज़गी जताई। गणेश भट्ट ने कहा कि रेलवे परियोजना शुरू होने से पहले ग्रामीणों को प्राधिकरण के कानून और धारा 07 लागू होने की जानकारी तक नहीं दी गई। अब जब ग्रामीण अपने मकान-दुकान का निर्माण कर रहे हैं, तो उन्हें नोटिस भेजकर काम रुकवा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्फोटों से हुए नुकसान का मुआवजा भी अब तक नहीं दिया गया और रेलवे स्टेशन के 400 मीटर दायरे में नए निर्माण पूरी तरह रोक दिए गए हैं। भट्ट ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक विनोद कंडारी को 2024 से ही इस प्राधिकरण की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों को गुमराह किया। उनका कहना है कि सरकार की मंशा रेलवे स्टेशन के आसपास की भूमि बड़े उद्योगपतियों को सौंपने की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि भेजे गए नोटिस वापस नहीं लिए गए और फ्रीज जोन जी.ओ. को तत्काल निरस्त नहीं किया गया तो शीघ्र ही राज्य सरकार और विधायक के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर ने वार्ता के दौरान आश्वासन दिया कि भवनों को हुए नुकसान का दुबारा सर्वे कर मुआवजा देने पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शन में विजय रावत, रविन्द्र बिष्ट, अचल नेगी, जयवीर राणा, अनिल भट्ट, समाजसेवी बीना नेगी, कल्पना बलूनी, रज्जन नेगी, नरेंद्र गुसाईं, दिनेश भट्ट, राहुल नेगी, गिरीश चन्द्र, हरीश चन्द्र, जयपाल पंवार, पवन पुरी, कीर्ति सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।

