उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की मुहिम लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को विजिलेंस टीम ने सतपुली के उपकोषाधिकारी कौशल कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में खलबली मच गई है। जानकारी के अनुसार सतपुली निवासी रविंद्र रावत ने विजिलेंस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि जून और जुलाई माह में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण का करीब 10 लाख रुपये का बिल पास कराने के एवज में उपकोषाधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि बिल पास करने के लिए उनसे प्रतिशत के हिसाब से अवैध धन देने का दबाव बनाया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस ने तुरंत कार्रवाई की और सतपुली में ट्रैप ऑपरेशन चलाया। टीम ने रणनीति बनाकर सोमवार को आरोपी उपकोषाधिकारी को उसके किराए के मकान से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम ने मौके से बरामद राशि को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उपकोषाधिकारी की गिरफ्तारी की खबर से विभागीय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों में खौफ का माहौल है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत पर की गई कार्रवाई के तहत आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही, उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी।
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