श्रीनगर, गढ़वाल।
देहरादून में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड के सभी नगर निगमों की समीक्षा बैठक में श्रीनगर नगर निगम के कार्यों की खुलकर सराहना की गई। ठोस कूड़ा प्रबंधन, विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर श्रीनगर नगर निगम को प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए एक आदर्श मॉडल बताया गया। बैठक में नगर निगम श्रीनगर द्वारा शहर को कूड़ेदान मुक्त बनाने, वर्षों पुराने लेगेसी वेस्ट के लगभग 18 हजार टन कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण करने तथा उसी स्थान पर आकर्षक वेस्ट टू वंडर – रजत जयंती पार्क विकसित करने के कार्य को विशेष रूप से सराहा गया। शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार का अभिनव कार्य करने वाला श्रीनगर नगर निगम अग्रणी संस्थाओं में शामिल है और अन्य नगर निगमों को भी इससे सीख लेनी चाहिए। बैठक में महापौर आरती भंडारी ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद श्रीनगर में 21 नए ग्राम क्षेत्र शामिल किए गए हैं, लेकिन निगम को अभी भी पालिका स्तर के अनुरूप ही बजट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने निगम क्षेत्र के विस्तार के अनुरूप बजट बढ़ाने की मांग उठाई ताकि विकास कार्यों की गति और अधिक तेज हो सके। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि नगर निगम ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद रजत जयंती पार्क, गौशाला, एबीसी सेंटर, लेगेसी वेस्ट निस्तारण, स्ट्रीट लाइट सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। उन्होंने निगम के नए कार्यालय भवन के निर्माण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी बनाने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। इस पर शहरी विकास मंत्री ने आश्वासन दिया कि दोनों योजनाओं के लिए जल्द बजट उपलब्ध कराया जाएगा।बैठक में यह भी सराहा गया कि श्रीनगर नगर निगम ने उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग जनहित एवं विकास कार्यों में किया है। अधिकारियों ने कहा कि निगम प्रशासन ने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य कर एक नई मिसाल कायम की है।विशेष रूप से उस उपलब्धि की चर्चा हुई, जिसके तहत शहर के बीचों-बीच दशकों से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने अस्थायी ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाकर वहां सुंदर वेस्ट टू वंडर – रजत जयंती पार्क विकसित किया गया। लंबे समय से बदबू और गंदगी से जूझ रहे क्षेत्र को आज शहर की पहचान के रूप में विकसित किया जा रहा है। बैठक में सचिव नीतीश झा, निदेशक शहरी विकास विभाग विनोद गोस्वामी, श्रीनगर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर और नगर आयुक्त उपस्थित रहे। महापौर आरती भंडारी ने कहा:
“श्रीनगर नगर निगम ने सीमित संसाधनों में भी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास के अनेक कार्य किए हैं। नगर निगम बनने के बाद क्षेत्रफल और जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, इसलिए बजट में वृद्धि आवश्यक है। हमें खुशी है कि श्रीनगर के कार्यों को पूरे प्रदेश में सराहा जा रहा है। हमारी टीम और नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का ही परिणाम है कि आज श्रीनगर नगर निगम को अन्य नगर निगमों के लिए उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आने वाले समय में हम श्रीनगर को स्वच्छ, आधुनिक और सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने कहा :
“श्रीनगर नगर निगम द्वारा प्राप्त यह सराहना पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। महापौर आरती भंडारी की दूरदर्शी सोच और शहर के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने हमें नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। ठोस कूड़ा प्रबंधन, लेगेसी वेस्ट निस्तारण, रजत जयंती पार्क, वेस्ट टू वंडर पार्क और अन्य विकास कार्यों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में हमें शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा एवं निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया द्वारा समय-समय पर की गई नियमित निगरानी, प्रशासनिक सहयोग एवं आवश्यक दिशा-निर्देशों ने भी इन कार्यों को गति प्रदान की। नगर निगम की पूरी टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर परिणाम देने का प्रयास किया है। आगे भी हमारा लक्ष्य श्रीनगर को स्वच्छ, सुंदर, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है, ताकि यह पूरे उत्तराखंड के लिए एक मॉडल नगर निगम बन सके।”

