हिमालय क्रांति पार्टी और चकबंदी मंच उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में एकेश्वर ब्लॉक सभागार में स्वैच्छिक चकबंदी के मुद्दे पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पहाड़ों में चकबंदी की आवश्यकता, गांवों को आबाद रखने और स्वैच्छिक चकबंदी की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ अर्जुन सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव बसाओ अभियान की जानकारी देते हुए पहाड़ के गांवों को बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यशाला में केवलानंद तिवारी ने पहाड़ों में चकबंदी की अनिवार्यता के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने चकबंदी को पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के रूप में प्रस्तुत किया। उनके विचारों को उपस्थित लोगों ने सराहा और इस विषय पर अपनी सहमति एवं सुझाव व्यक्त किए। कार्यशाला में एकेश्वर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों को स्वैच्छिक चकबंदी की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि स्वैच्छिक चकबंदी के लिए तहसील स्तर पर आवेदन किस प्रकार प्रस्तुत किया जाना है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को चकबंदी की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा इच्छुक ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। बैठक में मौजूद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चकबंदी, गांवों के संरक्षण और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने ऐसे विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाने और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में हिमालय क्रांति पार्टी के चौबट्टाखाल विधानसभा प्रत्याशी दिनेश रावत, पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन सिंह रावत, जिला महासचिव पपेंद्र सिंह रावत, महासचिव शंकर दत्त सती, कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रेम बहुखंडी, चकबंदी मंच उत्तराखंड के उपाध्यक्ष भूपेंद्र नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा सजवाण तथा एकेश्वर की ब्लॉक कनिष्ठ प्रमुख सुनीता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

