(सिद्धांत उनियाल)
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर पौड़ी जिले की पट्टी इडवालस्यूं के ग्राम अमकोट स्थित सिद्धपीठ मां श्री राजराजेश्वरी देवी मंदिर परिसर में पांच मंदिरों के पुनर्निर्माण, जीर्णोद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का विधिवत समापन हो गया। 11 से 18 अक्टूबर तक चले आठ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना, हवन, जाप, अभिषेक और कन्या पूजन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। महोत्सव के अंतर्गत मां राजराजेश्वरी देवी के मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। इसके साथ ही नागराजा और नरसिंह देवता के मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया। वहीं, हनुमान जी और काल भैरव जी की स्थापना के लिए दो नए छोटे मंदिरों का निर्माण किया गया। सभी पांच मंदिरों में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। धार्मिक अनुष्ठान मुख्य आचार्य दीपेंद्र डिमरी, प्रधानाचार्य संस्कृत विद्यालय क्यूंकालेश्वर, पौड़ी तथा सहायक आचार्य दिनेश भट्ट के निर्देशन में संपन्न हुआ। आठ दिनों तक चले इस आयोजन में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। 18 अक्टूबर को विशाल भंडारे और 19 को हुए पूजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इसमें अमकोट के अलावा खोल, कोठार, मासों, बैली, क्यार्क और बमठी गांवों सहित श्रीनगर एवं पौड़ी से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य संचालक डॉ. अनिल उनियाल, अनिल रावत, सुनील उनियाल, दिनेश उनियाल और प्रकाश उनियाल रहे। आयोजन में ग्राम अमकोट के अनेक ग्रामीणों के साथ ग्राम चौड़ा और ग्राम मासों से पहुंचे लोगों ने भी सहभागिता की। ग्राम चौड़ा से वीरेंद्र उनियाल सपत्नीक तथा शशि उनियाल अपने दोनों पुत्रों के साथ पहुंचे। वहीं, ग्राम मासों से इंजीनियर कमल उनियाल अपनी माता के साथ शामिल हुए। पत्रकार सिद्धांत उनियाल भी अपनी पत्नी और माता के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे। आयोजन के मुख्य संचालक डॉ. अनिल उनियाल ने महोत्सव की सफलता पर समस्त ग्रामवासियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता जताई।

