September 10, 2026
जीबीपीआईईटी में मनाई गई पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती 

जीबीपीआईईटी में मनाई गई पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती 

भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती के पावन अवसर पर गोविंद बल्लभ पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (जीबीपीआईईटी), घुड़दौड़ी में 10 सितंबर 2026 को गौरव दिवस श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर में स्थापित पं. गोविंद बल्लभ पंत जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत जी के नाम पर स्थापित संस्थान के लिए यह अवसर विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। संस्थान की ओर से निदेशक प्रो. (डॉ.) वी. के. बंगा, श्री संदीप कुमार, डॉ. के. के. एस. मेर, डॉ. एच. गोयल, डॉ. प्रीति डिमरी, डॉ. अरुण भट्ट, डॉ. एम. के. अग्रवाल, डॉ. बी. एस. खाती, डॉ. बी. एस. तिवारी, डॉ. के. एस. भाटिया, डॉ. ममता बौण्ठियाल, डॉ. मनोज कुमार पाठक सहित संस्थान के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के संस्थान पहुंचने के पश्चात पं. गोविंद बल्लभ पंत जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। उपस्थित अतिथियों, संस्थान परिवार एवं विद्यार्थियों ने महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक एवं राष्ट्रनिर्माता भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके राष्ट्र एवं समाज के प्रति अमूल्य योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा पं. गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती तथा वर्ष 2047 के विकसित भारत एवं उत्तराखंड की परिकल्पना पर आधारित पोस्टर एवं रचनात्मक प्रस्तुतियां तैयार की गई थीं। माल्यार्पण के उपरांत जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मक सोच, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की दृष्टि की सराहना की। गौरव दिवस के अवसर पर छात्र गतिविधि प्रकोष्ठ (SAC), जीबीपीआईईटी द्वारा विद्यार्थियों के लिए तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता का विषय “उत्तराखंड 2047: बड़े पैमाने के पर्यटन से आगे जलवायु-सुदृढ़ भविष्य का निर्माण” रखा गया। ऑनलाइन निबंध लेखन एवं कविता प्रतियोगिता तथा स्केचिंग/पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय “2047: वह भारत जिसका हम सपना देखते हैं और वह उत्तराखंड जिसे हमें बनाना है” निर्धारित किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को अपने विचारों, शब्दों और कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया।इस अवसर पर निदेशक प्रो. (डॉ.) वी. के. बंगा ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, दूरदृष्टि एवं जनकल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जिस महापुरुष के नाम पर यह संस्थान स्थापित है, उनके आदर्शों को आत्मसात करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान, तकनीकी कौशल, नवाचार, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ विकसित भारत-2047 के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जीबीपीआईईटी का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि ऐसे उत्तरदायी नागरिक तैयार करना भी है जो समाज, राज्य और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दें। गौरव दिवस का आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना, रचनात्मकता एवं भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम ने पं. गोविंद बल्लभ पंत जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विकसित भारत एवं सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

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