पौड़ी जनपद की ग्राम पंचायतों में संचालित मनरेगा एवं वीबी-जी रामजी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को लेकर अब ग्राम प्रधानों ने खुलकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को ग्राम प्रधान संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से ग्राम्य विकास मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखीं। ज्ञापन में प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष पंकज पोखरियाल ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। इस देरी के कारण जहां श्रमिकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्थिति भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ इसे नियमित और समयबद्ध बनाए जाने की तत्काल आवश्यकता है। इसके अलावा वीबी-जी रामजी योजना के तहत लागू ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली को लेकर भी ग्राम प्रधानों ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके चलते श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने में काफी समय लग जाता है। इससे कार्य शुरू होने में अनावश्यक देरी होती है और योजनाओं के प्रभावी संचालन में बाधा उत्पन्न होती है। ग्राम प्रधानों ने मांग की है कि या तो ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली को सरल बनाया जाए या फिर नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष खिर्सू धीरज सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष आरएस रावत, ग्राम प्रधान रविंद्र और हिम्मत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

