June 17, 2026
सिंग्टाली पुल के शिलान्यास पट्ट से आखिर सांसद का नाम क्यों हुआ गायब

सिंग्टाली पुल के शिलान्यास पट्ट से आखिर सांसद का नाम क्यों हुआ गायब

पौड़ी गढ़वाल और यमकेश्वर क्षेत्र को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित सिंग्टाली पुल के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। शिलान्यास के लिए लगाए गए शिलापट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और क्षेत्रीय विधायक रेणु बिष्ट का नाम तो अंकित है, लेकिन गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसको लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंग्टाली पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही जनभावनाओं, संघर्षों और अपेक्षाओं का परिणाम है। ऐसे में उस जनप्रतिनिधि का नाम शिलापट पर न होना, जिसने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए, कई सवाल खड़े करता है।
जानकारों के अनुसार सांसद अनिल बलूनी ने पुल निर्माण को लेकर विभिन्न स्तरों पर लगातार पैरवी की थी। उन्होंने इस विषय में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर परियोजना को शीघ्र स्वीकृति और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने का आग्रह किया था। इसके अलावा मंत्रालयों और अधिकारियों के साथ कई बैठकों में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर शिलान्यास पट्ट से सांसद का नाम क्यों गायब रखा गया। क्या यह केवल प्रशासनिक चूक है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण है? हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि विकास कार्य किसी एक व्यक्ति या दल की उपलब्धि नहीं होते, बल्कि इसके पीछे अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम जनता के लंबे प्रयास शामिल होते हैं। इसलिए ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में योगदान देने वाले सभी लोगों को उचित सम्मान मिलना चाहिए। लोगों का कहना है कि नाम शिलापट पर हो या न हो, जनता यह अच्छी तरह जानती है कि किसने इस पुल के निर्माण के लिए आवाज उठाई और किसने वर्षों तक इस मुद्दे को जीवित रखा। इतिहास केवल पत्थरों पर लिखे नामों से नहीं, बल्कि जनहित में किए गए कार्यों से बनता है।
फिलहाल सिंग्टाली पुल के शिलान्यास पट्ट पर सांसद का नाम न होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर संबंधित विभागों व प्रशासन से जवाब की अपेक्षा कर रहे हैं।

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